हम को पग पग पे सहारा है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

हम को पग पग पे सहारा है मेरे श्याम का,

मेरी नैया का खिवैया मेरा संवारा,

हम को पग पग पे सहारा है....

अब तो मेहसु होने लगा है,

साथ अपना है सदियों पुराना,

अब तो जब भी जरूरत पड़ी है,

खाटू वाले पड़ा तुमको आना,

मेरे सुख दुःख में साथ निभाए सदा,

अपने चरणों से मुझको लगाए सदा,

मेरी नैया का खिवैया.....

तेरी रेहमत से ही पल रहा है,

खाटू वाले ये परिवार सारा मेरा सब कुछ है तेरे हवाले जग में कोई नहीं है हमारा,

वेवसो और गरीबो का दाता है तू राह भटके हुओं को दिखता है तू,

मेरी नैया का खिवैया .....

इतनी कर दे किरपा श्याम हम पर,

नाम तेरा कभी न भुलाये,

ध्यान हरदम रहे बस तुम्हारा तेरे चरणों में जीवन बिताये,

संजू गन गान तेरा यु गाता रहे सारी दुनिया को महिमा सुनता रहे,

मेरी नैया का खिवैया.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।