फेसबुक उत्ते माये फेस तेरे देखके

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

फेसबुक उत्ते माये फेस तेरे देखके,

दुनिया नू फेस एह दिखोन जोगे होये हाँ,

हथ जोड़ चरना च मथा टेक के,

तेरे तों मुरादां असी पोंण जोगे होये हाँ,

वैष्णो दा कदे माँ दीदार हुँदा ए,

नैना विच कदे नैना देवी वसदी,

जदों चिंतपूर्णी दे हुन्दे दर्शन,

चिंता साडे दिलां चों है दूर नसदी,

मनसा देवी माँ ने किती मनसा पूरी,

रूसे होये नसीबां नू मनोन जोगे होये हाँ,

फेसबुक उत्ते माये फेस तेरे देखके......

देखेया भवन जदों ज्वाला माई दा,

रोम रोम विच जोत जग गयी माँ,

काँगड़े च जदों तेरा नूर तक्किया,

लगन नाम जपने दी लग गयी माँ,

तेरे कालका रूप दी माँ पूजा करके,

अपने विकारां नू मिटोन जोगे होये हाँ,

फेसबुक उत्ते माये फेस तेरे देखके...

सबदियाँ झोलियाँ जो भरी जा रही,

अस्सां त्रिपुरमालिनी दा द्वारा वेखिया,

ओसे शहर पूजके वृंदा माई नू,

डोल रही नैय्या ने किनारा वेखिया,

शीतला नू वेख शीतल आत्मा होई,

अग्ग हंकार दी बुझोन जोगे होये हाँ,

फेसबुक उत्ते माये फेस तेरे देखके....

फेसबुक वी तां तेरा चमत्कार ए,

घर बैठे कीने तेरे रूप तक लाये,

सदके माँ जाइये मेहराँ तेरियां दे,

निर्दोष माइये साडे ऐब ढक्क लए,

खुशीआं दी तेरे कोलों खैर पा के,

माये असी हस्सन हस्सान जोगे होये हाँ,

फेसबुक उत्ते माये फेस तेरे देखके....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।