मेरे श्याम की मुरली बाजे वृन्दावन धाम में

पारंपरिक
श्री गणेश भजन कृष्ण भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

मेरे श्याम की मुरली बाजे वृन्दावन धाम में,

आ जाओ श्याम प्यारे मेरे मकान में,

आ जाओ बंसी वाले मेरे मकान में,

मेरे श्याम की मुरली बाजे वृन्दावन धाम में,

मुरली की आवाज सुन गणपति जी आये,

संग रिधि सीधी को लाये,

रिधि सीधी की किरपा बरसे सारे जहाँ में,

आ जाओ मुरली वाले मेरे माकन में....

मुरली की आवाज सुन विष्णु जी आये संग लक्ष्मी को लाये,

लक्ष्मी की किरपा बरसे सारे जहां में,

आ जाओ मुरली वाले मेरे माकन में ,

मुरली की आवाज सुन राम जी आये संग सीता को लाये,

सीता की पायल बाजे सारे जहां में,

आ जाओ मुरली वाले मेरे माकन में

मुरली की आवाज सुन शंकर जी आये संग गोरा को लाये.

गोरा की बिंदियाँ चमके सारे जहाँ में,

आ जाओ मुरली वाले मेरे माकन में

मुरली की आवाज सुन मैया भी आई संग शेर को लाई,

मैया की किरपा बरसे सारे जहाँ में,

आ जाओ मुरली वाले मेरे माकन में

मुरली की आवाज सुन भक्त भी आये संग ढोलक भी लाये,

भगतो के भजन गूंजे सारे जहाँ में,

आ जाओ मुरली वाले मेरे माकन में

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।