ज़माने में दिल की किसे हम सुनाते

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

ज़माने में दिल की किसे हम सुनाते,

अगर तुम न आते,

हमे श्याम तुम न यहाँ आज पाते,

अकेला सफर में चला जा रहा था,

ज़माना भी हम पर सितम ढ़ा रहा था,

यही ठोकरे हम ज़माने में खाते,

अगर तुम ना आते....

कोई आस ना थी नहीं था भरोसा,

हमे तोड़ने का किसी ने भी मौका,

नहीं छोड़ा कब तक ये सांसे बचाती,

अगर तुम ना आते....

सहारा कभी भी दिया न किसे ने,

मेरा साथ छोड़ा नहीं बेबसी ने,

कहा तक गमो का ये भोज उठाते

अगर तुम ना आते....

कर्म है तुम्हारा एहसान है ये,

जो शर्मा के तन में अब प्राण है ये,

कभी के प्राण निकल श्याम जाते,

अगर तुम ना आते....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।