मेरे दोनों हाथो में ऐसी लकीर है

पारंपरिक
अन्य भजन साईं भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

मेरे दोनों हाथो में ऐसी लकीर है,

साई से मिलन होगा मेरी तकदीर है,

लिख है ऐसा लेख बाबा लिखा है ऐसा लेख,

लिखता है लिखने वाला सोच समज कर,

मिलना बिछड़ना बाबा होता समय पर,

इस में मीन न मेख,

मेरे दोनों हाथो में ऐसी लकीर है,

साई से मिलन होगा......

किस्मत का लेख को मिटा न पायेगा,

कैसे मिलन होगा समय ही बताये गा,

मिटती नहीं है रेख,

मेरे दोनों हाथो में ऐसी लकीर है,

साई से मिलन होगा......

ना वो दिन रहे ना ये दिन रहे गे,

बाबा तुम देख लेना जल्दी मिले गे,

इन हाथो को देख इन हाथो को देख,

मेरे दोनों हाथो में ऐसी लकीर है,

साई से मिलन होगा......

गुंजन तेरी शरण में आया आकर चरणो मे शीश निमाया,

इन भक्तो को देख बाबा इन भक्तो को देख,

मेरे दोनों हाथो में ऐसी लकीर है,

साई से मिलन होगा......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।