शंकर भोलानाथ है तुम्हारा हमारा

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

शंकर भोलानाथ है हमारा तुम्हारा हमारा तुम्हारा,

महाकाल की नगरी मे पाउ जनम दोबारा

इस नगरी के कंकर पथर हम बन जाए,

भक्त हमारे उपर चड़कर मंदिर जाए,

भक्तजनो के पाव पड़े तो हो उद्धार हमारा,

बाबा भोलानाथ है हमारा तुम्हारा

जब भी ये तन त्यागु त्यागु क्षिप्रा तट पर ,

इतना करना स्वामी ओर मरु मर्घत पर ,

मेरी भसमी चड़े आप पर पाउ प्यार तुम्हारा,

शंकर भोलानाथ है हमारा तुम्हारा

जय भोला भंडारी जय गौरा त्रिपुरारी,

रखियो लाज हमारी सब जाग के हितकारी,

मन की इक्च्चा पूरण होतो होवे वारा न्यारा,

बाबा भोलानाथ है हमारा तुम्हारा

शंकर भोला नाथ है हमारा तुम्हारा हमारा तुम्हारा,

महाकाल की नगरी मे पाउ जनम दोबारा

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।