छगन मगन मेरे लाल को आजा रे निंदिया

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

छगन मगन मेरे लाल को आजा रे निंदिया आ,

चंचल मन घनश्याम के नैनं बीच समा,

आजा री निंदिया आ .....

जप तप पूजा पाठ सो विधि न दिया मोहे लाल,

सजा कन्हियाँ लाडले मैया बजावे ताल,

कैसे सुलाऊ लाल को धीरे धीरे लोरीगा,

छगन मगन मेरे लाल को आजा रे निंदिया...

सोवे कन्हैया पालनो बांकि है छवि अबीलाल,

आंगन की शोभा है मेरो मनमोहन घनश्याम,

आजा रे नींदियाँ लाल को मैया रही तुझको भुला,

छगन मगन मेरे लाल को आजा रे निंदिया

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।