मुझको बाबा श्याम ने अपना बना लिया

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मुझको बाबा श्याम ने अपना बना लिया,

क्या कहु मैं कैसे करू इनका शुक्रियां,

देखते ही देखते जीवन सवर गया,

एसा मैंने श्याम नाम प्याला है पीया,

मुझको बाबा श्याम ने अपना बना लिया,

हुआ बस दो ही मुलाकातों में अब तो मेरी डोर श्याम हाथो में,

मिले नैना मेरे श्याम सजनो से सारे गम दूर हुए जीवन से,

संवारे ने प्रेम का उपकार दे दिया,

एसा मैंने श्याम नाम प्याला है पिया,

मुझको बाबा श्याम ने अपना बना लिया,

हुई आसान मेरी राहे है हुकड़ी धुप ठंडी छाए है,

मेरे संग श्याम की पनाहे है,

इनकी बाहों में मेरी बाहे है,

संवारे ने इतना एहसान है किया,

एसा मैंने श्याम नाम प्याला है पिया,

मुझको बाबा श्याम ने अपना बना लिया,

जिसने भी श्याम की सचाई जान ली श्याम के प्रेमी की गहराई जान ली,

कहता चोखानी उसे श्याम है मिला उसका तो सुखा चमन गया खिल खिला,

भक्तो का सदा गीह्वान सांवरियां,

मुझको बाबा श्याम ने अपना बना लिया,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।