आया महीना सावन का मैं

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

आया महीना सावन का मैं,

हरिद्वार को जाउंगा, भोले की कांवड़़ लाउंगा,

मैं हर की पोड़ी जाउगा,

गंगा में गोता लाउंगा,

बम बम कहता आउंगा मैं,

हरिद्वार को ........

वहां लाखों कावडिये जा रहे हैं,

भोले की मस्‍ती में नहा रहे हैं,

मस्‍ती में भोले की नहाऊंगा मैं,

हरिद्वार को ........

नंगे पैरों कावडिये आ रहे हैं,

छालों से नहीं घबरा रहे हैं,

दुखड़े अपने मिटाऊंगा मैं,

हरिद्वार को .......

'बागपत' के बम-बम बोल रहें,

'अहैडा' के मस्‍ती में डोल रहें,

"सोनू" से भजन सुनवाऊंगा मैं,

हरिद्वार को....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।