सौप कर सँवारे को

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

सौप कर सँवारे को जीवन की डोर क्यों गबराहु मैं,

तारे दिल का बांध के मैंने सँवारे से दिल का,

बिगड़ी किस्मत बन गई मेरी बदली हाथ की रेखा,

खुशियों का समंदर बेहता है,

आनंद आनंद ही रहता है,

मेरा व्यपार सुखी परिवार क्यों गबराहू मैं,

सौप कर सँवारे को जीवन की डोर क्यों गबरहु मैं,

कलयुग का ये देव निराला मेरा खाटू वाला,

श्याम धनि सरकार हमारा हो बड़ा दिल वाला,

हाथ सिर पे दया का इसने रखा जीने का मजा सच मैंने चखा,

नीले अश्वार जग पालनहार क्यों गबराहु मैं,

सौप कर सँवारे को जीवन की डोर क्यों गबरहु मैं,

चल के खाटू देख ले कुंदन श्याम की महिमा प्यारी,

मोरछड़ी से कर देगा बाबा दूर तेरी लाचारी,

येही बात निराली है इसकी ये दुनिया दीवानी है उसकी,

जो भी ए द्वार बांटे अपना प्यार क्यों गबराहु मैं,

सौप कर सँवारे को जीवन की डोर क्यों गबरहु मैं,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।