ना धन दौलत मांगी न उपकार माँगा है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

ना धन दौलत मांगी न उपकार माँगा है,

हे मोहन मुरली वाले तेरा प्यार माँगा है,

इतना दे मुझे सहारा दिखला दे अपना द्वारा,

मैं तेरे पूत पदों में कर लूँगा नाथ गुजरा,

मैंने चरणों की सेवा का अधिकार माँगा है,

हे मोहन मुरली वाले तेरा प्यार माँगा है,

हम सबके सामने रोये ना किसी ने आंसू धोये,

जिसको भी गाव दिखाये उसने ही शूल चुबोहे,

इस लिए कन्हैया तेरा आधार माँगा है,

हे मोहन मुरली वाले तेरा प्यार माँगा है,

जिनका चित तेरी लगन में वे भक्त वसे तेरे मन में ,

हो फूल जाहा वहा कांटे क्या होते नई गुलशन में,

दिल में छोटा सा कोना करतार माँगा है,

हे मोहन मुरली वाले तेरा प्यार माँगा है,

अब दया दीं पर कर दे तुम्हको न भूलू वर दे,

बस घजे सिंह के दिल में तू ज्ञान की ज्योति भर दे,

मैंने सद्गुण भावो का शृंगार माँगा है,

हे मोहन मुरली वाले तेरा प्यार माँगा है,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।