तुमसे ही मिली खुशियां

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तुमसे ही मिली खुशियां तुम से ज़िंदगानी है,

जो कुछ भी मैं हु बाबा तेरी मेहरबानी है,

तुमसे ही मिली खुशियां तुम से ज़िंदगानी है,

सुना मेरा जीवन था तू बन के बहार मिला,

मेरी नाव ववर में थी बनके पतवार मिला,

पहले गम के आंसू थे अब खुशियों का पानी है,

जो कुछ भी हु मैं बाबा तेरी मेहरबानी है,

कल तक जो न बदला था तूने आज बदल डाला,

तूने मेरे जीने का अंदाज बदल डाला,

कल तक गम की राते थी अब बोर सुहानी है,

जो कुछ भी हु मैं बाबा तेरी मेहरबानी है,

कुछ और नहीं चाहु बस तुझमे ध्यान रहें,

तेरे चरणों में हरदम मेरा ही स्थान रहे,

तेरी छाया में जीवन की हर सांस बितानी है,

जो कुछ भी हु मैं बाबा तेरी मेहरबानी है,

मुझे ऐसी सेवा मिली एह श्याम तेरे कारण,

मैं रोज ही करता हु तेरे नाम का उच्चारण,

तेरी किरपा पे बलिहारी रजनी राजस्थानी है,

जो कुछ भी हु मैं बाबा तेरी मेहरबानी है,

जीवन का हर सपना तुमने साकार किया,

मुझ जैसे निर्गुण को तूने कितना प्यार दिया,

तूने लिख दी महोबत से सोनू की कहानी है,

जो कुछ भी हु मैं बाबा तेरी मेहरबानी है,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।