ऐलान कर रहा हु मैं डंके की चोट पर

पारंपरिक
अन्य भजन साईं भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

ऎलान कर रहा हु मैं डंके की चोट पर,

मदिर बने गा साई का हर एक मोड़ पर,

जायेगे पैसे वाले भी झोली पसार कर,

जायेगे महाराजा यहाँ ताज उतर कर,

बैठे रहेगे चरणों में दरबार छोड़ कर,

मदिर बने गा साई का हर एक मोड़ पर,

गुजरे गे जिस गली से ये पैगाम मिले गा,

सबकी जुबा पे साई का नाम मिले गा,

झंडे गड़े के देखो विदेशो की रोड पर,

मदिर बने गा साई का हर एक मोड़ पर,

दुनिया के कोने कोने से सब जान जाये गे,

मेरे साई की महिमा को पहचान जायेगे,

तस्वीर भी छपे गी सरकारी नोट पर,

मदिर बने गा साई का हर एक मोड़ पर,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।