अंजनी का लाला मेरे घर आया

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

अंजनी का लाला मेरे घर आया, घर आया मेरे घर आया

मुझपे तरस ये खा गया और मेरा मान बढ़ा गया

सुनली मेरे बाबा ने फरियाद ॥, रखली इसने आज भगत की लाज ॥

अरजी मेरी, इसने सुनी ॥, सेवक का साथ निभा गया ॥

और दुनिया को दिख ला गया।

अंजनी का लाला मेरे घर आया.....

कैसे करूँ मैं बाबा का सत्कार ॥, निर्धन तो बस दे सकता है प्यार ॥

क्याँ दू भला, सोचूँ खड़ा ॥, ये सच्ची प्रीत निभा गया ॥

और रूखी - सुखी खा गया।

अंजनी का लाला मेरे घर आया.....

कैसे करूँ तेरा, बाबा पूजन - ध्यान -॥, मैं तो हूँ बाबा, बालक नादान ॥

गाऊँ राम धुन, मैं तो सदा ॥, फेरू राम नाम माला सदा ॥

और मुझको दरश दिखला गया।

अंजनी का लाला मेरे घर आया.....

दिल में मेरे, बाबा की तस्वीर ॥, जिन्दल जागी आज तेरी तकदीर ॥

इसके भजन, गाऊँ सदा ॥,मुझको भुलाया ना गया ॥

और उड़कर बाबा आ गया।

अंजनी का लाला मेरे घर आया, घर आया मेरे घर आया

मुझपे तरस ये खा गया - 2 और मेरा मान बढ़ा गया"

रचियता :- राजेश कुमार जिंदल "बंटी", इन्दौर

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।