लागे नजर ना आज

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मेरे श्याम की सूरत प्यारी जो देख लूट लूट जावे सूरत पे,

लागे नजर ना आज रे कही लागे नजर ना आज,

मानियो का मुक्त चमकीला बड़ा सोहे रूप सजीला,

जो देखे लूट लूट जावे सूरत पे,

लागे नजर ना आज रे कही लागे नजर ना आज,

माथे पे चंदन टिका लगे चाँद भी अब तो फीका,

जो देखे लूट लूट जावे सूरत पे,

लागे नजर ना आज रे कही लागे नजर ना आज,

है नैन बड़े कजरा रे दो कुण्डल भी मत वाले,

जो देखे लूट लूट जावे सूरत पे,

लागे नजर ना आज रे कही लागे नजर ना आज,

केसरियां बाबा प्यारा क्या जचता श्याम हमारा,

जो देखे लूट लूट जावे सूरत पे,

लागे नजर ना आज रे कही लागे नजर ना आज,

चोखानी नजर उतरो बाबा पे तन मन वारो,

जो देखे लूट लूट जावे सूरत पे,

लागे नजर ना आज रे कही लागे नजर ना आज,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।