चल शिरडी में चल साई नाथ मिलेगे

पारंपरिक
अन्य आरती साईं भजन aarti
॥ पावन पाठ ॥

चल शिरडी में चल साई नाथ मिलेगे,

शिरडी में रखते ही कदम तेरे सारे कष्ट मिटेंगे,

चल शिरडी में चल साई नाथ मिलेगे,

बोर बये तू मंदिर जाना श्री साई के दर्शन को,

साई धाम की चढ़ते सीधी चैन मिले मेरे मन को,

साई की पहली झलक मिलते ही खुशियों के फूल खिले है,

चल शिरडी में चल साई नाथ मिलेगे,

गा कर आरती साई की मिटादे सारे अँधेरे तेरे,

श्री साई जब असनान करेगे धूल जाये गे पाप तेरे,

वस्त्र पहन जब मुकत वो पहनें तेरे भाग जगे गे,

चल शिरडी में चल साई नाथ मिलेगे,

बाबा की समादि पर तू बस दो फूल चढ़ा देना,

माथा टेक समादि पर तू अपना हाल सुना देना,

साई बाबा अंतर यामी,

चल शिरडी में चल साई नाथ मिलेगे,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।