रिंग्स के दरबार में बेठियो

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

रिंग्स के दरबार में बेठियो मेरो श्याम,

यो सबसे अखियाँ लडावे,

करदे भव से पार,

हार गया मैं हारा दुनिया पकड़ा दामन तेरा,

एक श्याम रिंग्स में बेठा दूजा खाटू में डेरा,

ये सुनते दोनों सबकी दोनों एक समान,

रिंग्स के दरबार में बेठियो मेरो श्याम,

श्याम भगत अब चल पड़े है डाला रिंग्स डेरा,

लाल गुलाभी रंग चड़ा है रंग दियां चोला मेरा,

सब बोल रहे जयकारा करते सबका समान,

रिंग्स के दरबार में बेठियो मेरो श्याम,

गूंजे रिंग्स आज है सारो सेठ संवारियो मारो,

पांच कोस से खाटू वालो देखे है नजर पिसारो,

चल दिए है खाटू वाला लेकर के निशान,

रिंग्स के दरबार में बेठियो मेरो श्याम,

उड़ चली है खुशबु आज रिंग्स के मेखानो से,

शान सवारी बेठे बाबा चमके श्याम दीवानों से,

रिंग्स खाटू एक है सजन अब तो मान,

रिंग्स के दरबार में बेठियो मेरो श्याम,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।