मरघट वाले बाबा की शोभा सबसे न्यारी

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

मरघट वाले बाबा की शोभा सबसे न्यारी,

कर देता पल में पूरी मुरादे,

आये जो चल के शरदा से दुखी जन एक बारी,

मरघट वाले बाबा की शोभा सबसे न्यारी....

उचे उचे गूंजे बाबा के जयकारे,

लगी रहती बाबा के मंदिर में भीड़ भगतो की भारी,

मरघट वाले बाबा की शोभा सबसे न्यारी....

भर दे मजबूर का भी तू दामन,

भूल गया क्यों बाबा जी अब इसकी तू बारी,

मरघट वाले बाबा की शोभा सबसे न्यारी...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।