मेरे अंदर अंदर कोण माता यशोदा बोले

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मेरे अंदर अंदर कोण माता यशोदा बोले,

मोहन ता मेरा हारावाला,

हो नागावाला कोण माता यशोदा बोले,

मेरे........

मोहन ता मेरा मुक्तवाला,

हो गंगावाला कोण माता यशोदा बोले,

मेरे........

मोहन ता मेरा मुरलीवाला,

हो डुमरूवाला कोण माता यशोदा बोले,

मेरे.......

मोहन ता मेरा राधा वाला,

हो गौरा वाला कोण माता यशोदा बोले,

मेरे......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।