सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम

पारंपरिक
हनुमान जी भजन राम भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम,

भजमन राम राधे श्याम राधे श्याम राधे श्याम,

सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम ..

यह नाम बनाया प्रथम पूज्य श्री गणपति जी को पल में,

मिल गया यही अवलम्ब नाम शबरी को जंगल में,

लाखों का बेड़ा पार किया -2, पहुँचाया हरि के धाम,

सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम ...

बजरंगबली के बल में इसकी महिमा भारी है,

ध्रुव और विभीषण को भी ये ही बूटी प्यारी है,

नारद जी की वीणा पर बजता -2, ये ही है सुंदर नाम,

सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम ..

ब्रह्माजी के चारों वेदों से ये ही नाम निकलता है,

शंकर के मानस मंदिर में दीपक सा जलता है,

घण्टे की ध्वनि में भी बसता -2, ये ही पावन नाम,

सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम ...

कहें अनाड़ी मोदलता इसमें क्या टोना है,

हम क्या बतलावे प्रेमीजन इससे क्या होना है,

ये बजरंग जाने इसी नाम से क्या क्या होना है,

अरे भजकर देखो सभी श्रद्धा से -2, अनमोल ये नाम,

सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम ....

सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम,

भजमन राम राधे श्याम राधे श्याम राधे श्याम,

सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम ....

संकलनकर्ता : राज कुमार टाँक, बिजनौर ।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।