झूठे रिश्ते और नाते झूठी दुनिया की बाते

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

झूठे रिश्ते और नाते झूठी दुनिया की बाते,

झूठा है ये संसार मैया जी बस सच्चा है तेरा द्वार,

सच को पहचानू कैसे चेहरे पर है चेहरा,

डर लगता है डूब न जाऊ भवसागर है गहरा,

दिया सब ने है धोखा नहीं किसी पे भरोसा,

अब रहा न किसकी पे अतवार,

मैया जी बस सच्चा है तेरा द्वार,

यहाँ प्यार का मोल नहीं है दिल टुटा तो जाना,

अपनी अपनी लेकर डफली गाते सभी तराना जाना जग में यही है कोई किसी का नहीं है,

मतलब के है सभी यार,

मैया जी बस सच्चा है तेरा द्वार,

नहीं किसी से किसी को मतलब,

सब मतलब के साथी शरण में रखना मैया तू दीपक मैं बाती,

हाथ सिर पे माँ धरना दूर दर से न करना कहता पना यही बार बार,

मैया जी बस सच्चा है तेरा द्वार,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।