उसकी रजा से शिकवा कैसा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

उसकी रजा से शिकवा कैसा ये इंसान का खेल नहीं,

गा के साई का राग नकली दुनिया को त्याग,

बहुत नींद हो चुकी झूठे सपनो से जाग,

पूजा पाठ के सागर में पानी और आग का मेल नहीं,

वो दीपक भी जल सकता है जिस दीपक में तेल नहीं,

उसकी रजा से शिकवा कैसा ये इंसान का खेल नहीं,

उसके भागो में चल उसकी शाखों में झूम दुनिया भर में मचा उसकी मर्जी की धूम,

उसकी छतर में हरा भरा है कौन सा भुटा बेल नहीं,

वो दीपक भी जल सकता है जिस दीपक में तेल नहीं,

उसकी रजा से शिकवा कैसा ये इंसान का खेल नहीं,

हर घडी रात दिन बस वोही नाम ले,

शुक्र की बात कर सबर से काम ले,

साई नाथ की राह पे चलना,इम्तेहान है खेल नहीं,.

वो दीपक भी जल सकता है जिस दीपक में तेल नहीं,

उसकी रजा से शिकवा कैसा ये इंसान का खेल नहीं,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।