ये सूरज चाँद सितारे सब शीश झुकाये

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

ये सूरज चाँद सितारे सब शीश झुकाये तेरे द्वारे,

ये अखियां बात निहारे जी लागे नाही तेरे बिना रे,

मुझे दर पे भुला लो मुझे अपना बना लो,

मेरे सोने संवारा मैं तेरा हो गया,

मैं तेरा हो गया तू मेरा हो गया,

कलयुग के अवतार रे हो तीन बाण धारी,

क्या खूब तेरी महिमा महिमा है सबसे न्यारी,

हारे का है सहारा मेरे सँवारे का दवारा,

दीनो के तुम हो साथी बहती है प्रेम धारा,

और कुछ नहीं जानू और कुछ नई मानु,

मेरे सोने संवारा मैं तेरा हो गया,

मैं तेरा हो गया तू मेरा हो गया,

तुम शीश के हो दानी खाटू है तेरा धाम,

अजब सी माया रचते हो अजब तुम्हारा काम,

दर पे जो तेरे आये पापो से तर जाये,

मेरी भी सुन लो बाबा क्यों इतना तू सताए,

तूने सब को समबला सब को सवारा,

मेरे सोने संवारा मैं तेरा हो गया,

मैं तेरा हो गया तू मेरा हो गया,

तेरी ही याद में दिल रोता है सुबह हो शाम,

दर्श को अखियां तरस रही कब आओगे श्याम,

फिर से नहीं कहु गा आहे नहीं बरु गा हारा हुआ हु बाबा बस इतना ही कहु गा,

जो हारा हुआ आये तूने उसको संभाला,

मेरे सोने संवारा मैं तेरा हो गया,

मैं तेरा हो गया तू मेरा हो गया,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।