भवर में डोल रहा सरकार

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मोर छड़ी ले आन सावारो नीले के अशवार,

भवर में डोल रहा सरकार....

कैसे ये रिश्ते नाते मतलब का ये संसार,

आस सब से रखता हु सभी है थानेदार,

ताश के वावन पते है ये बदले रंग हज़ार,

भवर में डोल रहा सरकार...

के सबसे बड़ी सरकार तुम्ही हो गीता सार,

चलती है नाव पुराणी श्याम है केवंहार,

हार के जो भी आया है मेरा श्याम बना पतवार,

भवर में डोल रहा सरकार...

ढोर संग पतंग उडी है उडी है पंख लगाये,

फूलो से श्याम सजे है नैनो से पेच लड़ाए,

कट के श्याम मैं डोरी से थारे अंगना आये पधार,

भवर में डोल रहा सरकार,......

सजन की नैना तरसे बागे है मृग की भांति,

नैना है तुम से लागे मीरा वन वन है गाती,

श्याम चरण अब पी ले अमृत,

पंकज होगा उधार,

भवर में डोल रहा सरकार,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।