सँवारे की सेवा में जो भी रमजाते है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

सँवारे की सेवा में जो भी रमजाते है ,

बाबा ही संभाले उन्हें वो फिर दुःख ना पाते है.,

जीवन में होते इतने झमेले एक दिन तो इंसान जाता अकेले,

बिता समय तो पछताते है,

साँवरे की सेवा में...

अपना सगा हमने जिसको माना मुश्किल पड़ी तो निकला बेगाना,

संकट में बाबा ये काम आते है,

साँवरे की सेवा में.....

वक़्त सभी का बनता बिगड़ता समजे नाझाकत वो है संबलता,

गीता में भगवन समझाते है,

साँवरे की सेवा में

मन और वचन कर्म हो एक तेरा चोखानी तो फिर कटता फेरा,

सात कर्म ही गिनी रह जाते है,

साँवरे की सेवा में.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।