दो नैना सरकार के

पूनम यादव
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मुकुट सिर मोर का, मेरे चित चोर का ll

दो नैना नैना नैना, दो नैना नैना नैना

दो नैना सरकार के, कटीले हैं कटार से ll

कमल लजाएं तेरी, अँखियों को देख के ll

भूली घटाएं तेरी, कजरे की रेख पे ll

मुखड़ा निहार के, सो चाँद गये हार के ll

दो नैना नैना नैना, दो नैना नैना नैना

दो नैना सरकार के,,,,,,,,,,,,,,,,,,

क़ुरबान जाऊँ तेरी, बांकी अदाओं पे ll

आ पास आजा तुझे, भरलूँ मैं बांहों में ll

जमाने को बिसार के, दिलों जां तुझपे वार के ll

दो नैना नैना नैना, दो नैना नैना नैना

दो नैना सरकार के,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

रमण / बांके बिहारी नहीं, तुलना तुम्हारी ll

तुमसा ना पहले कोई, ना होगा अगारी ll

दिवानों ने विचार के, कहा है यह पुकार के ll

दो नैना नैना नैना, दो नैना नैना नैना

दो नैना सरकार के,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

अपलोड करता- अनिल भोपाल

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।