चलो न सांवरे के दर वही दिन बीत जायेगे

संजय मित्तल
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

चलो न सांवरे के दर वही दिन बीत जायेगे,

सुना है भजनो से रिजे नए हम गीत गायेगे.

सुना है हार कर जो भी शरण में इनकी आता है,

के देखे ना कभी हार सहारा जब वो पाता है,

अभी तक हारते आये के हम भी जीत जायेगे,

चलो न सांवरे के दर वही दिन बीत जायेगे,

गुना जो करते है पापी सुना वो ही यहाँ टलते,

मिलती माँ भी उनकी भी गले से वो भी है लगते,

गुन्हा होंगे हमारे माफ़ हमें भी मीत बनाये गे,

चलो न सांवरे के दर वही दिन बीत जायेगे,

सुना है प्रेम का प्रेमी इसे बस प्रेम बहता है,

कभी तो दानी है ये श्याम की करुणा ही बहता है,

कहे निर्मल के श्याम के दर से हम भी प्रीत पाएंगे,

चलो न सांवरे के दर वही दिन बीत जायेगे,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।