सांसो की माला पे

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॥ पावन पाठ ॥

सांसो की माला पे जो तू साईं नाम पिरोले बन्दे,

रग रग तेरी नस नस तेरी साईं साईं बोले बंदे,

ग्यारा वचन पड़ कर ग्यारा बार साईं नाम जो बोले बंदे ,

उस मानव पर साईं रहमत के भंगारे खोले बंदे ,

रग रग तेरी नस नस तेरी साईं साईं बोले बंदे,

साईं का अनुयाई बन कर छोड़ दे धन दोलत का दोर,

रुखी सुखी खा पानी पी चैन की नींद सो ले बंदे,

रग रग तेरी नस नस तेरी साईं साईं बोले बंदे,

कोई भी शत्रु न रहे तेरा फिर इस धरती पर,

प्रेम के वीज तू अपने दिल की भागियाँ में वो ले बंदे,

रग रग तेरी नस नस तेरी साईं साईं बोले बंदे,

साईं जी के नाम का साबुन धो देता है मन का मैल

तन का मैल धो लिया तूने मन का मैल भी धो ले बंदे,

रग रग तेरी नस नस तेरी साईं साईं बोले बंदे,

देखो वो भक्तो की टोली शिरडी जाने वाली है,

शरधा है तो टिकेट कटा ले और उनके संग हो ले बंदे,

रग रग तेरी नस नस तेरी साईं साईं बोले बंदे,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।