कब जगाता है कब सोता है

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॥ पावन पाठ ॥

साई कब जगाता है कब सोता है

हम दर्द सभी का खोता है,

मालिक है तू कैसा मालिक है,

जग रोये तू भी रोता है,

ना धन दौलत न जागी रे कैसे तू बनाये तकदीरे,

जादू है या करिश्मा है,

रोता भी यहाँ खुश होता है,

कब जगाता है कब सोता है

चाहे मंदिर मस्जिद गुरुदवारा,

मेरा साई सभी में होता है,

कब जगाता है कब सोता है

बिछड़े लेहरी मिल जाते है मुरझाये चमन खिल जाते है,

कैसे है खजाना फकीरे का,

लूट कर भी न खाली होता है.

कब जगाता है कब सोता है

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।