तेरी दया के किस्से दुनिया को मैं सुनाऊ

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

तेरी दया के किस्से दुनिया को मैं सुनाऊ,

जियु जब तलक भवानी तेरे ही गीत गाउ,

जितना भी तेरे दर पर सिर को झुकाया मैंने,

उतना ही ऊचा खुद को दुनिया में पाया मैंने,

फिर क्यों भला किसको मैं दुनिया में आज़माऊ,

जियु जब तलक भवानी तेरे ही गीत गाउ,

तू ही जोत बन समाई हर एक दिल के अंदर,

तेरी ही महिमा गाये धरती गगन समन्दर,

शक्ति अपार तेरी कैसे मैं पार पाउ,

जियु जब तलक भवानी तेरे ही गीत गाउ,

हाथो में तेरे डोरी हर खोट हर खरेगी,

तुझको खबर है साहिल सबके भले बुरे की,

तुमसे छुपा ना कुछ भी लखा तुमसे क्या छुपाऊ,

जियु जब तलक भवानी तेरे ही गीत गाउ,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।