यूँ ही होता रहे तेरा ये दीदार सांवरे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

यूँ ही होता रहे तेरा ये दीदार सांवरे,

मेरी बगिया में तू है तो बहार सांवरे

कोई तेरे जैसा कहा दिलदार सांवरे,

किसी और ने किया ना ऐतबार सांवरे,

तेरा मुझपे बड़ा है उपकार सांवरे,

मेरी बगिया में तू है तो बहार सांवरे,

यूँ ही होता रहे तेरा ये दीदार सांवरे.....

मेरी दिल की लगी को ना तोड़ना,

हाथ थामा है तो कभी भी ना छोड़ना,

मोहे संग संग ले चल उस पार सांवरे,

दिल कैसे ये लगेगा इस पार सांवरे,

जहाँ तू है वही मेरा घर बार सांवरे,

मेरी बगिया में तू है तो बहार सांवरे,

यूँ ही होता रहे तेरा ये दीदार साँवरे....

जिसका कोई नही उसका सहारा तू,

बाबा डूबते को फिर से उबारा तू,

ओर पालन हारे मेरे सरकार सांवरे,

मेरी थामे रहना यूँ ही पतवार सांवरे,

‘लहरी’ नमन करू बार बार सांवरे,

मेरी बगिया में तू है तो बहार सांवरे,

यूँ ही होता रहे तेरा ये दीदार साँवरे......

कोई तेरे जैसा कहा दिलदार सांवरे,

किसी और ने किया ना ऐतबार सांवरे,

तेरा मुझपे बड़ा है उपकार सांवरे,

मेरी बगिया में तू है तो बहार सांवरे,

यूँ ही होता रहे तेरा ये दीदार सांवरे,

मेरी बगिया में तू है तो बहार सांवरे,

यूँ ही होता रहे तेरा ये दीदार साँवरे........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।