गणपति रखो मेरी लाज

अनुराधा पौडवाल
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

गणपति रखो मेरी लाज,

पुरण कीजो मेरे काज,

तू भक्तो का प्यारा है,

सबका पालन हार है,

सुख दयाक भाये हरी तू,

करता मूषक सवारी तू,

तू ही विघ्न विनाशक है

दीं जानो का रक्षक है

तेरा ही हम नाम जापे

तुझको हम प्रणाम करे

सदा रहे खुशहाल गणपति लाल,

जो प्रथम में तुम्हे ध्याये,

रिद्धि सिद्धि के दाता ओ भाग्यविधाता,

वो सब कुछ तुमसे पाए,

विनती सुनलो मेरी आज

गणपति रखो मेरी लाज.....

कभी ना टूटे आस मेरा विश्वाश,

मैं आया शरण तुम्हारी,

हे शम्भू कैलाश प्रभु कृपाल,

तेरी है महिमा न्यारी,

तेरी दया का मैं मोहताज,

गणपति रखो मेरी लाज.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।