प्रेम से तू गा ले रसना

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

प्रेम से तू गा ले रसना नाम शिव जी का,

वो ही दाता है विदाता सारी जगती का,

है किरपालु वो दयालु भोला भंडारी,

वो त्रिलोकी का है स्वामी प्राण अधारी,

स्वास की माला पे जपना नाम शिव जी का,

वो ही दाता है विदाता सारी जगती का,

संकटो को हरने वाला शिव है सुख राशी,

सारी श्रिष्टि का रचिया ब्रह्मा अविनाशी,

ज्ञान से उस में उतर न नाम शिव जी का,

वो ही दाता है विदाता सारी जगती का,

चंदर सोहे बाल जिसके नाग गल माला,

शंख में ओंकार फुके कर दे मत वाला,

शरण हो निश दिन सुमरना नाम शिव जी का ,

वो ही दाता है विदाता सारी जगती का,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।