सांवरिया आ जइयो इन नयन के बीच

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

सांवरिया आ जइयो इन नैनं के बीच

जाग उठे मेरे जन्म जन्म की सोई हुए तकदीर...

हम तुमसे कुछ भी न कहते, गर यूँ ही गुजर हो जाता

दिल की दिल में रख लेते, तेरा एक इशारा हो जाता

हम भी तो परवानो की तरह, हंस हंस के शाम पे जल जाते

दीदार की प्यासी नजरों का , दीदार तुम्हारा हो जाता

---कृष्णाकर्षीणी गौरी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।