ज़िंदगी ज़िंदगी तेरे नाम लिख दी ज़िंदगी

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

ज़िंदगी ज़िंदगी तेरे नाम लिख दी ज़िंदगी,

तुझको चाहा तुझको पूजा तू ही मेरी बँदगी,

ज़िंदगी ज़िंदगी तेरे नाम लिख दी ज़िंदगी,

अब कुछ भी हो अम्बे मैया द्वार न तेरा छोड़ेगे,

जान भी जाये अब चाहे माँ प्यार न तेरा छोड़ेगे,

दुनिया भी अब देख लेगी ये हमारी दिल लगी,

ज़िंदगी ज़िंदगी तेरे नाम लिख दी ज़िंदगी,

तेरे जैसा जग में मैया कोई भी दातार नहीं,

आधी भवानी हे महारानी तुझ बिन ये संसार नहीं,

आके संभालो इस दुनिया को इसमें कैसी अगन लगी

ज़िंदगी ज़िंदगी तेरे नाम लिख दी ज़िंदगी,

भर दो सब का सुख से दामन कोई दुखी न रह पाए,

प्रियंका तेरा नाम सुमार के तेरी महिमा नित गाये,

गांव ववला धमा अशोक ने कह दी अपनी मन लगी,

ज़िंदगी ज़िंदगी तेरे नाम लिख दी ज़िंदगी,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।