हम मतवाले है चले साई के देश

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॥ पावन पाठ ॥

हम मतवाले है चले साई के देश,

यहाँ सभी को चैन मिले गा कभी न लागे ठेस,

हम मतवाले है चले साई के देश,

फूल सी धरती बनती जाए एक पिघल ता लावा,

पहन रही है पगली दुनिया अगनि का पहरावा,

जाने अभी ये बंदे तेरे बदले कितने बेश,

हम मतवाले है चले साई के देश....

देखो अपनी हर मुश्किल है आज समस्या उसकी,

चलो चले चरणों में सो कर करे तपस्या उसकी,

इस सपने मे कब मिल जाये प्रेम भरा सन्देश,

हम मतवाले है चले साई के देश.....

हमे न है कुछ फ़िक्र आज की न अंदेशा कल का,

मन का मन का जपते कर लिया मन का भोजा हल्का,

दो दिन बहरूपु दुनिया असल में है प्रदेश,

हम मतवाले है चले साई के देश....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।