भोले की बस्ती शाई है मस्ती

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

भोले की बस्ती शाई है मस्ती डीजे रहा बाज,

आज मने नाचन दे नाचन दे मने आज,

दम है जिस भोले में वो सो सो की शरत लगा ले,

नैन मिलाने में क्या रखा धुमका साथ लगा ले,

लगा के एक दम भोल के बम बम छोड़ शर्म लाज,

आज मने नाचन दे...

भोला मस्त मलंगा मेरा मैं सु उसकी भोली,

दो लोटे भंगियाँ की पी गई ऐसी मैं अलबेली,

नाचू छमा छम मैं तो दमा दम मेले में मेरा राज,

आज मने नाचन दे ....

काले बदल उमरड़ गुमरड के बरसाए चाहे पानी,

चाहे गर्मी पड़े या आंधी आ जाये तूफानी,

रुकू कभी न बहे पसीना आउ न मैं बाज,

आज मने नाचन दे ......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।