मेरा तो साथी खाटू वाला है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

के संकट आता है के दिल गबरता है,

मेरी हर मुश्किल का मेरा ये हल बन जाता है,

मैं गर्व से कहता हु मैं सदा खुश रहता हु,

ये सब से कहता हु मेरा तो साथी खाटू वाला है,

के मेरे अपनों ने के मेरे टूटे सपनो ने तड़पाया है,

के खूब रुलाया है,

समय वो ऐसा था के लोग भी हस्ते थे,

मिला के नजरे वो तंज भी कसते थे,

आज दिन बदला है श्याम भी पिग्ला है,

सोइ किस्मत का भी सूरज निकला है,

मेरे उन अपनों से, मेरे उन सपनो से,

मेरे उन जख्मो से और उन सब रिश्तेदारो से,

मैं गर्व से कहता हु मैं सदा खुश रहता हु,

ये सब से कहता हु मेरा तो साथी खाटू वाला है,

बड़ा मतवाला है बड़ा दिल वाला है,

दीं और दुखियो का श्याम रखवाला है,

प्रेम की खातिर ये कुछ भी कर जाता है,

प्रेम के भावो में पल में विक जाता है,

ये दर पे भूलता है ये प्यार लुटाता है,

बिठा के गोदी में ये लाड लड़ता है,

दयालु दाता है ये भाग्ये विदाता है,

ये बिगड़ी बनता है और हारे का साथ निभाता है,

मैं गर्व से कहता हु मैं सदा खुश रहता हु,

ये सब से कहता हु मेरा तो साथी खाटू वाला है,

ओ खाटू वाले इतना बता तूने मुझपे ऐसा क्या देखा,

मेरी तकलीफे मेरे दोष भी तूने हर लिए ,

सच है तो यही मेरे सांवरे लायक भी नहीं हु मैं तेरे,

मेरे खाली दमान सांवरे खुशियों से तूने भर दिए,

मेरे रोम रोम पे कर्ज तेरा,कैसे तेरा कर्ज उतारू मैं,

मेरी सारी खटाये माफ़ करि,

मेरे काम भी तूने कर दिए,

बस इतनी और तू सुनले सदा तेरे आगे ही सिर झुके मेरा,

तेरे आगे समपर्ण हो तेरा तेरे नाम ये जीवन हो मेरा,

मैं खाटू आता रहू मौज उडाता रहू,

तू जैसे मोहित हो मैं वैसे रिजाता रहू,

तू मेरा सहारा है तुम्ही से गुजरा है,

तू ही तो हमारा है तेरे बिन न जीना गवारा है,

मैं गर्व से कहता हु मैं सदा खुश रहता हु,

ये सब से कहता हु मेरा तो साथी खाटू वाला है,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।