तेरे रस्ते के मुसाफिर है प्रभु

संजय मित्तल
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तेरे रस्ते के मुसाफिर है प्रभु,

थाम लो दामन हमारा हे प्रभु,

तेरे रस्ते के मुसाफिर है प्रभु,

भटको रस्ता दिखते आये हो,

दीं बंधू नाम तभी तो पाए हो,

आप इस में हो खिलाडी हे प्रभु,

थाम लो दामन हमारा हे प्रभु,

तेरे रस्ते के मुसाफिर है प्रभु,

अपने भगतो को यु न विसराइये,

दास पर अपने तरस कुछ खाइये,

भगतो से ही आप कहलाते प्रभु,

थाम लो दामन हमारा हे प्रभु,

तेरे रस्ते के मुसाफिर है प्रभु,

जिनके माजी बन गये वो कौन थे,

भाव से जिनको पार तारा कौन थे,

वो भी तेरे ही दीवाने थे प्रभु,

थाम लो दामन हमारा हे प्रभु,

तेरे रस्ते के मुसाफिर है प्रभु,

तेरी मर्जी से चले तेरी डगर,

जोर दिखलाता है फिर वी ये ववर,

फ़र्ज़ अपना तुम निभालो हे प्रभु,

थाम लो दामन हमारा हे प्रभु,

तेरे रस्ते के मुसाफिर है प्रभु,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।