हम जबसे खाटू जाने लगे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

हम जबसे खाटू जाने लगे खुशियों के बादल छाने लगे,

मेरी ये ज़िंदगी बदल सी गई,

पत्थर से भी जयदा सस्ती थी,

अपनों की आँखों में चुबती थी,

जग वाले भी मुझपे हस्ते थे बेबस वेचारा समझते थे,

लेके उनके कर्म टूटे सारे ब्रहम अपना कहने में भी अब तो आती शर्म,

हम जब से श्याम को मानने लगे दिल की उनको सुनाने लगे,

मेरी ये ज़िंदगी बदल सी गई.......

पग पग पे रस्ता दिखाया है अनमोल हमको बनाया है,

गुम नाम थे हम तो बरसो से दुनिया में नाम दिलाया है,

इनका उपकार है सुखी परिवार है इनकी रेहमत से ही जीवन गुलजार है,

हम जबसे श्याम श्याम गाने लगे चौकठ पे सिर को झुकाने लगे,

मेरी ये ज़िंदगी बदल सी गई.......

दुःख में भी आंसू टपकते ते थे खुशियों में भी अब ये बहते है,

बाबा की फूल किरपा मुझपे अब तो यही सब कहते है,

श्याम गौरव मेरा मेरी पहचान है मेरा सम्मान है मेरी मुश्कान है,

हम जबसे गुणगान गाने लगे भक्ति में खुद को रमाने लगे,

मेरी ये ज़िंदगी बादल सी गई,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।