ऐ मेरे प्यारे वतन

पारंपरिक
अन्य भजन देश भक्ति भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

ऐ मेरे प्यारे वतन, ऐ मेरे बिछड़े चमन, तुझ पे दिल कुर्बान।

तू ही मेरी आरजू, तू ही मेरी आबरू, तू ही मेरी जान॥

तेरे दामन से जो आए उन हवाओं को सलाम।

चूम् लूँ मैं उस ज़ुबाँ को जिसपे आए तेरा नाम।

सबसे प्यारी सुबह तेरी, सबसे रंगीं तेरी शाम, तुझपे दिल् कुर्बान॥

माँ का दिल बनके कभी सीने से लग जाता है तू।

और कभी नन्ही सी बेटी बन के याद आता है तू।

जितना याद आता है मुझको उतना तड़पाता है तू, तुझ पे दिल कुर्बान॥

छोड़ कर तेरी ज़मी को दूर आ पहुंचे हैं हम।

फिर भी है यही तमन्ना, तेरे ज़र्रों की कसम।

हम जहाँ पैदा हुए, उस जगह ही निकले दम, तुझ पे दिल कुर्बान॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।