कन्हैया रुलाते हो

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

कन्हैया रुलाते हो जी भर रुलाना,

मगर आंसुओ में नजर तुम ही आना,

तुम्हारे है ये चाँद तारे हज़ारो,

तुम्हारे है ये जग के नजारे हज़ारो,

दशा पर मेरी सारे जग को हसाना,

मगर उस हसी में नजर तुम ही आना,

ये रो रो के कहते है तुम से पुजारी,

क्यों फ़रयाद सुनते नहीं तुम हमारी,

दया के समंदर हो दया अब दिखाना,

मगर उस दया में नजर तुम ही आना,

हो कितनी ही विपदा न विशवाश टूटे,

लगन श्याम चरणों की मन से ना छूटे,

भले ही अनेको पड़े जनम पाना,

मगर हर जनम में नजर तुम ही आना,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।