शंकर नमामि शंकर नमामि

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

शंकर नमामि शंकर नमामि,

अंतर यामी और निष्कामी,

जय बाबा ओमकारी स्वामी,

मनर मदा की पावन धरा करती है अभिषेक तुम्हारा,

ॐ कार पर्वत पे धाम तेरा न्यारा,

हर हर भजामि शंकर नमामि,

और निष् कामी,

जय बाबा ओमकारी स्वामी,

देविक देविक भौतिक कितापा शरण तिहारी नाही दाता,

किरपा करो ओ तुम ओ भोले बाबा,

हर हर भजामि शंकर नमामि,

और निष् कामी,

जय बाबा ओमकारी स्वामी,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।