श्री अवधपुरी बेमिशाल हे सखी

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

श्री अवधपुरी बेमिशाल हे सखी,

सातो पुरी में सबसे कमाल हे सखी,

श्री अवधपुरी बेमिशाल हे सखी.......

वंदऊँ अवधपुरी अति पावन,

सरयुसरि कलि कलुष नसावनि,

सीताराम रजधानी खुशहाल हे सखी,

सीताराम रजधानी खुशहाल हे सखी,

सातो पुरी में सबसे कमाल हे सखी,

श्री अवधपुरी बेमिशाल हे सखी........

अवधपुरी मम् पुरी सुहावन,

उत्तर दिश बह सरयू पावन,

बड़भागी पुर बासी सब निहाल हे सखी,

बड़भागी पुर बासी सब निहाल हे सखी,

सातो पुरी में सबसे कमाल हे सखी,

श्री अवधपुरी बेमिशाल हे सखी......

अवधपुरी सम प्रिय नहीं सोउ,

यह प्रसंग जानइ कोउ कोउ,

राम सिय संग सोहें लखनलाल हे सखी,

राम सिय संग सोहें लखनलाल हे सखी,

सातो पुरी में सबसे कमाल हे सखी,

श्री अवधपुरी बेमिशाल हे सखी ......

आभार: ज्योति नारायण पाठक

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।