॥ पावन पाठ ॥
ओ साई बाबा मेरे चरणों में रखलो मुझे,
दो गे दर्शन ओ शिव साई है विश्वाश मुझे,
चरणों में रखलो मुझे,
ओ साई बाबा मेरे चरणों में रखलो मुझे,
तुम तो शिव का रूप हो साई,
तुम्ही आशुतोश हो साई तुमने पीड़ सही भक्तन की,
तुमने रक्षा की सनतंत की तेरी निर्मल अनुपम छवि से,
है अरुगा मुझे चरणों में रखलो मुझे....
मैं शरणागत तू ही दाता मुझ दुखियो का तू ही तो माता,
इस तन मन का तू है स्वामी तू करुनापति अंतर यामी,
तेरी करुणा ही मिल जाए हे अभिलाष मुझे,
चरणों में रखलो मुझे.......