जो सबका मालिक है

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॥ पावन पाठ ॥

भगवन मिला धनवान मिला,

मिल गया है साई शिरडी में,

जो सबका मालिक है जो सबका मालिक है,

हर जन जन में हर कण कण में रम गया है साई शिरडी में,

जो सबका मालिक है जो सबका मालिक है,

बैठा है साई देखो नीम के निचे आते जाते रोगी हकीम के निचे,

दुआओ से अंधो को आंख मिल गई मुरझाये कली अपने आप खिल गई,

जो आके छूटे है प्रभु के पावो को देख के झूमे वो भरे हर गाओ को,

सत्कार करे उपकार करे वो दीप चलाये घर घर में,

जो सबका मालिक है............

शरधा सबुरी सन्देश उनका जैसे फकीरी का वेश उनका,

मिश्री सा मीठा है नाम साई का देना सहारा है काम साई का,

जो दर पे आते है साई जैकार करते,

मिटा के भेद भाव को सभी से प्यार करते,

मंगल कारी पीड़ा हारी बस गया है वो सबके मन में,

जो सबका मालिक है............

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।