मेरे रोम रोम में वस् गया

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

मेरे रोम रोम में वस् गया इ सखी बाबा घाटे वाला,

बोला सा रूप सादा सा बाना,

होके मगन राम गन गाना,

भक्ति के नशे में कर गया इ सखी बाबा घाटे वाला,

मेरे रोम रोम में वस् गया.............

रंग सिंधुरी मन में भागेया,

कलयुग में यो न्यारा सा गा,

मने अपने रंग में रंग गया इ सखी बाबा घाटे वाला,

मेरे रोम रोम में वस् गया....

जब ते भूली दुनिया दारी,

खिली जीवन की केसर तयारी,

मेरे मन में फूल खिला गया रे, इ सखी बाबा घाटे वाला,

मेरे रोम रोम में वस् गया.....

कहे करिश्मा जोगन बन जाऊ,

तेरे नाम की टहल बजाउ,

गावन की भूख बड़ा गया इ सखी बाबा घाटे वाला,

मेरे रोम रोम में वस् गया..........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।