अब तो दर्श दिखा श्याम जी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

अब तो दर्श दिखा श्याम जी,

छोड़ के सारी मोह माया तेरे दर पे आन पड़ा,

अब तो दर्श दिखा श्याम जी,

सावन बिता भादो बिता फागण की आस लगाई,

मेरी बारी खाटू वाले काहे देर लगाई,

अखियां थक गई आस में तेरी आके धीर बंधा ,

अब तो दर्श दिखा श्याम जी.......

थारी पूजा घर घर होती चर्चा बहुत है थारा,

उसकी अर्जी सुन लेते हो जिसने तुझे पुकारा,

माह से कुन सी गलती हो गई दे रहो है सजा,

अब तो दर्श दिखा श्याम जी.......

जग में सुनिया खाटू माहि लागियो मेलो बाहरी,

हर मेरी अड़चन बीच में आ गई जब मैंने करि तयारी,

ऐसे खेल तू रच देते हो कोई तो होगी वजह,

अब तो दर्श दिखा श्याम जी.....

देख कथे बेहक ना जाये दास तेरो परवाना,

तेरी बाती उडीक रहे हो पागल कहे जमाना,

भूल चूक शमा तू करदे हिवड़े महने लगा,

अब तो दर्श दिखा श्याम जी,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।