मोर मुकुट को सज़ा कर सर पे श्याम आ गए

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मोर मुकुट को सज़ा कर सर पे श्याम आ गए,

कलयुग के अवतार श्याम जी सबको भा गये,

कृष्ण कन्हैया को अजरज में बर्बरीक ने था डाला,

एक बाण से पीपल के सारे पतों को भेदा,

कैसी लीला महिमा देखो बाबा दिखा गये,

मोर मुकुट को सज़ा कर सर पे श्याम आ गए

कृष्ण कन्हैया के चरणों में जब है शीश चढ़ाया,

मेरे खाटू राजन ने तब श्याम नाम है पाया,

देकर शीश का दान वो त्रिवउवन पे छा गये,

मोर मुकुट को सज़ा कर सर पे श्याम आ गए ,

पुष्प सुगंद से क्यों न मेहके,

बाबा का दरबार फूल और धी से होता है बाबा का शृंगार,

रंग बिरंगी फूलो से सब भूपी को भा गये,

मोर मुकुट को सज़ा कर सर पे श्याम आ गए

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।