तेरे रंग में रंगूंगी मेरे सावरे

अलका गोएल
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तेरे रंग में रंगूंगी मेरे सावरे,

मैं तेरी थी रहूंगी तेरी सावरे ॥

तुम सूरज बनो तो बनु रौशनी,

तेरी ज्योति में आकर मिलु सावरे,

तेरे रंग में रंगूंगी मेरे सावरे,

मैं तेरी थी रहूंगी तेरी सावरे,

तुम चंदा बनो तो चकोरी बनु,

याद में तेरी तडपु मेरे सावरे,

तेरे रंग में रंगूंगी मेरे सावरे,

मैं तेरी थी रहूंगी तेरी सावरे,

तुम मोर बनो तो बनु पंख मैं,

बीच तेरे मुकुट के सजहु सावरे,

तेरे रंग में रंगूंगी मेरे सावरे,

मैं तेरी थी रहूंगी तेरी सावरे,

तुम कृष्ण बनो तो मैं मुरली बनु,

जब रास रचाओ तो बजु सावरे,

तेरे रंग में रंगूंगी मेरे सावरे,

मैं तेरी थी रहूंगी तेरी सावरे,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।